Thursday, 21 September 2017

मेरी जीवन यात्रा

मेरे प्यारे मित्रो मुझे बहुत हर्ष हो रहा है कि मैं अपने कुछ यादगार अनुभवों को आपके साथ बाँटने का अवसर मिल रहा है।

अपने बारे मै.......

मैं एक छोटे शहर अल्मोड़ा  में  रहता हुँ जो पहले उत्तर प्रदेश राज्य का एक पहाड़ी जनपद था लेकिन सन २००० में एक नया राज्य बना दिया जिसका नाम उत्तराँचल रखा गया जो बाद में  बदल कर उत्तराखंड कर दिया।

मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यही से प्राप्त किया और आगे की शिक्षा भी गवर्नमेंट विद्यालय से प्राप्त किया।

जब मे स्कूल में था तभी से मेरे अंदर घूमने का शौक जागने लगा जो धीरे-धीरे बढ़ता ही चला गया और मेरा मन पढ़ाई-लिखाई मे कम घूमने में ज्यादा लगने लगा नतीजा यह हुवा की में पढ़ने में पिछड़ने लगा  फिर भी जैसे तैसे मैंने अपने स्नाक्तोत्तर पास किया।

पढाई के दौरान ही मैंने  अपने जेब खर्चे के लिए काम करना शुरु कर दिया जिससे मुझे अपने सपने को सच करने मे मदद मिलने लगी और मेरी ज़िन्दगी झट से चल पड़ी और मैंने अपने सपने को सच करना शुरू कर दिया।

धीरे -धीरे  मैंने शुरुवात अपने आस पास से किया कुछ वर्षो पश्चात् मैं पूरी तरह आज़ाद हो चूका था उड़ने के लिए  जैसे एक आजाद चिड़िया हो,  मैं जहां भी घूमने जाता हु वहा के बारे मे पता करके यात्रा करता हू  जैसे वहा का मौसम,भाषा,खान-पान आदि।

पिछले कई वर्षो से जब भी मुझे समय मिलता है अपने काम से तो में अपने दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना लेता हु और मेरे दोस्त भी खुशी से मेरा साथ देते है।
 
मुझे बाल्यकाल से ही घूमने,नये लोगों से मिलने तथा उनके बारे में जानने के उत्सुकता रहती है इन सबसे ऊपर मुझे प्रकृति से बहुत प्यार है मुझे ट्रेक्किंग करना बहुत अच्छा लगता है इसलिए मैने ज्यादार पहाड़ी या हिमालियन छेत्रो की ओर ही यात्रा की हैं।

 मेरा ज्यादातर समय घूमने फिरने में बीतने लगा  ये  सब करना अच्छा लगता था जिससे मुझे अपने खर्चो में बढ़ोत्तरी होने लगी और इससे मेरे काम पर भी असर पड़ने लगा और मेरी सारी खुशियाँ दिन व दिन कम होने लगी जिसके कारण मैं अंदर ही अंदर ना खुश होने लगा और मैं किसी ऐसे सख्श के इंतज़ार करने लगा जो मुझे इन सब मुश्किलों से उबार सके।

                           



मुझे किसी अद्रिश्य शक्ति पर भरोषा था यू कहे तो किसी चमत्कार के होने की उम्मीद करने लगा हालाँकि मैं शुरू से ही आस्तिक विचारधारा का हु तो मेरा मन हमेशा मुझे प्रोतसाहित करता रहता था की सब ठीक  जायेगा और मैं अपने मन की ज्यादातर सुनता हु।

बात सन 2009 की है मुझे एक ऐसा देवदूत मिला जिससे मिलने के बाद मेरी ज़िन्दगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी (इसके बारे मे ज्यादा आपको यहां पे लिख नहीं पाउँगा लेकिन आप मेरे दिए गए लिंक पर क्लिक करके जान सकते है अंग्रेजी मे लिखी गयी आर्टिकल है जिसे मैंने स्वयं लिखा हैं)


A STORY ABOUT MY TRYST WITH A SPECIAL PERSON !!  दिए गये लिंक को क्लिक करने पर आप मेरे बारे मे और अधिक जान पाएंगे।

अपने उस देवदूत जैसे मित्र से मिलने के बाद मेरी सोच ही बदल गयी और आज जहाँ तक पहुंच पाया हु उसी के मार्गदर्शन पर चलते हुए  फिर मुझे मेरे एक मित्र की सलाह को मानते  सन २०१४ से अपने विचार और यात्राओं को ब्लॉग में  लिखने का अवसर प्राप्त हुवा जो की अंग्रेजी भाषा मे लिखा गया है

http://www.lovetotravel.co.in/  आज से मैंने हिंदी मैं भी ब्लॉग लिखने का विचार  आया और अपना फर्स्ट  आर्टिकल  लिख दिया।

में आशा करता हु की आप सभी मित्रो को मेरा प्रथम आर्टिकल  पसंद आएगा  और मैं  आगे भी अपने विचारो को आपके साथ शेयर करूँगा  जल्दी ही।


अगर आपको मुझे कोई सलाह देनी हो या कोई प्रश्न हो तो आप मुझसे निसंकोच संपर्क कर सकते है  मेरे निचे दिए गए  पते पर

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